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टोहाना में डीएमडी से जूझ रहे 14 साल के पुनीत के इलाज को 30 करोड़ चाहिए,

संवाद न्यूज एजेंसी टोहाना। ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी यानी डीएमडी जैसी लाइलाज बीमारी से जूझ रहे 14 साल के पुनीत सैनी के इलाज के लिए अब पूरा समाज मदद को आगे आ रहा है। शिव नंदी शाला पहुंचे पुनीत के पिता मनी कुमार ने बताया कि बेटे का इलाज भारत में संभव है लेकिन इसके लिए 28 से 30 करोड़ रुपये चाहिए। नंदी शाला संयोजक धर्मपाल सैनी ने कहा कि आज हमारे पास ये प्यारा सा बच्चा अपने माता-पिता के साथ आया। डीएमडी एक ऐसी भयानक बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं धीरे-धीरे डैमेज होती जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे बच्चे 20 साल तक ही जी पाते हैं। इसका इलाज अमेरिका या दुबई में ही है, जिसके लिए करोड़ों रुपये चाहिए। गौ माता पालनहार है, संस्था ने थोड़ी आर्थिक मदद की है। सभी लोगों और एनजीओ से अपील करता हूं कि आगे आएं। परिवार का ये अकेला सहारा है।" पिता ने AIIMS से PGI तक हर जगह लगाए चक्कर पुनीत के पिता मनी कुमार ने बताया, "उसके बेटे का नाम पुनीत सैनी है। इसे ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी है। इसमें मांसपेशियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि बच्चा चल-फिर नहीं पाता। बाद में ये बीमारी दिल तक पहुंच जाती है।" उन्होंने बताया कि दिल्ली एम्स रोहतक पीजीआई और नोएडा में होम्योपैथी तक इलाज करवा चुके हैं। डॉक्टरों ने बताया कि पुनीत के 51वें एक्सॉन की स्कीपिंग है। इसके लिए वन-टाइम जीन थेरेपी इंजेक्शन ही विकल्प है। भारत में 28-30 करोड़, दुबई में 22-24 करोड़ और अमेरिका में करीब 15 करोड़ का खर्च आएगा। व्हीलचेयर पर 1600 किमी की यात्रा करेंगे पिता मनी कुमार ने कहा कि मौसम ठीक होते ही वे पुनीत को व्हीलचेयर पर लेकर 1500-1600 किमी की पदयात्रा पर निकलेंगे। वह पैदल चलेंगे और बेटा व्हीलचेयर पर होगा। फिल्म अभिनेता सोनू सूद लोगो की मदद करते है शायद उनकी भी मदद कर दे ताकि पूरा देश जुड़े और इलाज के पैसे जुट सकें।" उन्होंने सीएम हरियाणा से मिलकर व्हीलचेयर, फंड और पेंशन की मांग भी की लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ओडिशा में 10 लाख की सहायता और 15 हजार पेंशन, बिहार में 6 लाख और 10 हजार पेंशन मिलती है, लेकिन हरियाणा में ऐसा कुछ नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार देश में डीएमडी, एसएमए, बीएमडी जैसी बीमारियों से 5 लाख से ज्यादा बच्चे पीड़ित हैं।

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