लाल किला आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने चार आरोपियों की हिरासत अवधि को दस दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इन आरोपियों में डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, डॉ. शाहीन और मुफ्ती इरफान अहमद वगाये शामिल है। अदालत के इस फैसले से जांच एजेंसी को मामले की जांच को आगे बढ़ाने और अन्य संभावित लिंक को खंगालने में मदद मिलेगी।10 दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद एनआईए ने सात आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। बता दें की आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की कमांडर डॉ. शाहीन चार साल सऊदी अरब में भी रही है। साल 2014 से 2018 के दौरान उसने सऊदी अरब के मेडिकल कॉलेज में बतौर प्रोफेसर नौकरी की। साल 2018 में भारत लौटने के बाद 2021 तक तीन साल उसने कुछ नहीं किया। वो घर पर ही रहती थी। फिर 2021 में उसने अल फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर की नौकरी हासिल कर ली। जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो सऊदी अरब से जब वो लौटी तो आतंकी संगठन के संपर्क में आ चुकी थी। इसी दौरान जब वो तीन साल खाली रही तो वो आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो गई और अपना नेटवर्क फैलाने लगी। इस दौरान उसे टेरर फंडिंग के रुपये भी काफी मिले। साल 2021 में अल फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत होने के बाद उसने यहां व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के तहत अन्य डॉक्टरों से संपर्क बढ़ाया। इसमें वो डॉ. मुजम्मिल के बेहद करीब आ गई थी। दोनों के बीच नजदीकीयां काफी बढ़ गईं और प्यार और शादी तक ये रिश्ता पहुंच गया। इसके पीछे भी मकसद अपने नेटवर्क को बढ़ाना और अन्य लोगों को उसमें शामिल करना ही रहा।