अगस्त 2025 में चांग बिजली घर के नजदीक दीपक की मौत के करीब 9 महीने बाद बिजली विभाग अपनी नींद से नहीं उठ पाया है, शायद बिजली विभाग अब भी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। हालांकि बिजली विभाग ने दीपक की मौत के बाद वहां से झाड़ियों को तो जरूर हटवा दिया था, लेकिन उसके बाद विभाग ने वहा ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी। चांग बिजली घर से आस-पास क्षेत्र में जाने वाली बिजली आपूर्ति के पोल विभाग ने तालाब के पानी के अंदर खड़े किए हुए हैं। इस लाइन से गांव बडेसरा व गांव मिताथल में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। जिस कारण ग्रामीणों को किसी बड़े हादसे का अंदेशा सता रहा है। करीब 9 महीने पहले 15 अगस्त को गांव चांग निवासी दीपक अपनी भैंसों को पानी पिलाने के लिए तालाब पर गया था। इसी दौरान दीपक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। परिजनों व ग्रामीणों ने शव बिजली घर के सामने रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके बाद ग्रामीण व परिजन ग्राम पंचायत चांग व बिजली विभाग उच्च अधिकारियों के मुआवजे व आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन पर माने थे। बिजली निगम की तरफ से दीपक के परिजनों को मौके पर करीब 5 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया गया था। लेकिन इस हादसे के बाद दुर्घटना संभावित बिजली लाइनों को सुरक्षित करना विभाग भूल गया।