आस्था, विश्वास और समर्पण की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए महम के भगत पवन कुमार ने 18 फरवरी 2026 को 11 फीट का पावन निशान लेकर खाटू श्याम मंदिर के लिए पदयात्रा प्रारंभ की है। उनका संकल्प है कि वे बाबा के दरबार में पहुंचकर निशान अर्पित करेंगे और 51 दंडवत यात्राओं का लक्ष्य पूर्ण करेंगे। लोहारू पहुंचने पर सूरजगढ़ रोड स्थित शिविर में राजेश चहड़िया, धर्मेंद्र पिलोद, विपिन सैनी, कुलदीप सैनी, कृष्ण, श्यामसुंदर, रिंकू जांगिड़, धोलिया, सतीश, प्रवीण, सुमित और मोनू सिंघानी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भगत पवन का फूल-मालाओं से भावभीना स्वागत किया। “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। 18 किलोमीटर की दंडवत यात्रा, 45 बार कर चुके पूर्ण भगत पवन प्रत्येक माह एकादशी के अवसर पर रिंगस से खाटू श्याम तक लगभग 18 किलोमीटर की दंडवत यात्रा अब तक 45 बार पूर्ण कर चुके हैं। उनका लक्ष्य 51 यात्राएं पूर्ण करने का है। लगभग 240 किलोमीटर की कुल पदयात्रा में वे प्रतिदिन 30-35 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। विशेष बात यह है कि ‘खड़ी यात्रा’ के दौरान वे रात्रि विश्राम भी खड़े होकर ही करते हैं, जो उनकी कठोर साधना और अटूट श्रद्धा का प्रमाण है।