एक ही आंगन में खेलकर बड़े हुए, सुख-दुख साझा किए और जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाईं। लेकिन जब रिश्तों में संवाद की जगह अहंकार, गुस्सा और अविश्वास ने जन्म ले ली तो वही अपने दुश्मन बन गए। छोटी-छोटी बातों पर लोगों ने आपा खो दिया और रिश्तों का ही कत्ल कर दिया। जिले में बीते तीन वर्षों के दौरान हुई 142 हत्याओं का विश्लेषण बताता है कि अधिकांश मामलों में हत्या करने वाला बाहरी नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य, रिश्तेदार या बेहद करीबी व्यक्ति था। वर्ष 2024 में 61, वर्ष 2025 में 50 और वर्ष 2026 में मई तक 25 हत्याएं दर्ज हुईं। पुलिस रिकॉर्ड और घटनाओं की पड़ताल में सामने आया है कि करीब 90 प्रतिशत मामलों की जड़ घरेलू विवाद, संपत्ति का झगड़ा या ऑनर कीलिंग के हैं।