अक्षय नवमी के दिन गीता वाटिका मंदिर परिसर स्थित आंवला के पेड़ के नीचे श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर पूजा की। आंवले के पेड़ के तने को जल से सींचें पेड़ के तने के चारों ओर कच्चा सूत (कलावा) लपेटें फल, फूल, धूप, दीप, रोली, चंदन आदि से पूजा करने के बाद आरती की। पूजा के बाद पेड़ के नीचे बैठकर अपनी मनोकामनाएं कहीं।