अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) इकाई ने चयनात्मक कार्रवाई को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए है। एबीवीपी का आरोप है कि वर्ष 2022 से लेकर जनवरी 2026 तक के बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर 4.64 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। जबकि आठ से दस छात्रों को निष्कासित कर उनकी डिग्री रोककर छात्रों का करियर बर्बाद किया गया।