ग्रेटर नोएडा गौड़ सिटी एक में स्थित छठें एवेन्यू के निवासियों ने पार्कों के समय से पहले बंद होने पर विरोध जताया है। उनका आरोप है कि पार्कों में व्यावसायिक गतिविधि की जा रही है। एक सप्ताह में तीन से चार दिनों तक पार्कों में कोई न कोई आयोजन होता रहता है, जिसमें आयोजनकर्ता तेज आवाज के स्पीकर देर रात तक बजाते रहते हैं। जिसके कारण आसपास की सोसाइटी में रहने वालों को काफी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने सफाई, जाम, पार्किंग सहित कई मुद्दों को रविवार को अमर उजाला संवाद के दौरान उठाया। निवासियों ने बताया कि वह टाउनशिप मेंटेनेस चार्ज(टीएमसी) देने के लिए कभी विरोध नहीं करते हैं, लेकिन वह टीएमसी के लिए ओसी सर्टिफिकेट चाहते हैं। ताकि उनको पता चल पाए कि वह आखिरकार टाउनशिप में किस किस जगह का मेंटनेस दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब कोई सुविधा ही निवासियों को नहीं मिल रही है, तो एओए की ओर से टाउनशिप मेंटेनेस चार्ज( टीएमसी) क्यों दिया जाए। निवासियों ने बताता कि टाउनशिप के पार्कों पर सेंसरशिप लगा दी गई है कि साढ़े सात बजे के बाद तीनों पार्कों को नहीं खोला जाएगा। जबकि पार्क पहले 11 बजे तक खोले जाते थे। बिल्डर की ओर से मनमानी का आदेश जारी कर दिया गया है। जो सरासर गलत है। निवासियों का कहना है कि यदि उनको पार्कों के लिए सड़कों पर बैठना होगा तो वह भी करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अस्पतालों के पास पार्किंग नहीं है। सड़कों पर गड़ियों को खड़ा किया जा रहा है। जिसके कारण जाम लगता है। इसके साथ ही निवासियों से ही पार्किंग का पैसा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रीन बेल्ट को स्कूल को बेच दिया गया। लावारिस कुत्तों के आतंक से हर निवासी परेशान है। लंबे समय से सड़क नहीं बनाई गई है,जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे है। ग्रेप चार लागू हो गया है,लेकिन सफाई व्यवस्था बदहाल है।