एक निजी अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने नौ वर्षीय बच्चे का सफल उपचार कर उसे जटिल बोन संक्रमण और सेप्टिक शॉक से बचाकर नया जीवन दिया। पिडियाट्रिक्स के कंसल्टेंट डॉ. कुशाग्र गुप्ता, आर्थोपिडिक्स के कंसल्टेंट डॉ. भरत गोस्वामी और एनेस्थीसिया टीम के डॉ. भूप सिंह तथा डॉ. स्वयंभू शुभम ने बच्चे की सफल सर्जरी कर उसकी जान बचाई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में लाए जाने पर बच्चे को लगातार बुखार था और वह एक हफ्ते से चलने-फिरने में असमर्थ था। दाएं पैर और कूल्हे में सूजन और दर्द की शिकायत थी। जांच में उसके कूल्हे में ऑस्टियोमायलिटिस (बोन इंफेक्शन) पाया गया और जोड़ में मवाद भर चुका था। तत्काल पिडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) में भर्ती कर बच्चे को अगले 10 दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट और गंभीर देखभाल में रखा गया। सर्जरी और देखभाल के बाद अब बच्चे की हालत स्थिर है और वह धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ हो रहा है।