किसानों को जब मदद की जरुरत होती है तो उनके लिए किसान क्रेडिट कार्ड वरदान साबित होता है। वह उस कार्ड की मदद से बैंक से लोन ले लेते हैं। कई उद्यमियों के संगठनों ने सरकार के सामने बात उठाई है कि कई बार एमएसएमई के उद्योग परेशानी में आ जाते हैं। उन्हें बचाने के लिए लोन की आवश्यकता होती है। उस समय यदि उन्हें मदद मिल जाए तो वह अपने व्यापार को फिर से जिंदा कर सकते हैं। यदि किसानों की तरह उद्यमियों के लिए उद्यमी क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था कर दी जाएं तो उन्हें काफी मदद मिल सकती है। यह बातें यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन उत्तर प्रदेश सत्र में वित्तमंत्री व बैंकों के प्रतिनिधियों के सामने एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने उठाई। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के कारण प्रदेश अब उद्यम प्रदेश बन चुका है। इनकी मदद करने के लिए हमें कई कदम और उठाने होंगे,जिससे एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि सीएम युवा उद्यमी अभियान के तहत पांच लाख रुपये बिना ब्याज और गारंटी के दिए जा रहे हैं। सात लाख से अधिक आवेदन अब तक आ चुके हैं। छह लाख आवेदन बैंक को भेजे गए हैं,जिसमें से 90 हजार लोगों को लोन दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि निजी बैंक को अपने नियमों को थोड़ा शिथिल करना होगा,जिससे आसान तरीके से लोन मिल सके और युवा अपने व्यापार को शुुरु कर प्रदेश को मजबूती प्रदान कर सके। 12236 लोगों को तीन हजार 500 सौ करोड़ रुपये लोन दिया गया। जिसमें से 2500 सौ करोड़ रुपये केवल एमएसएमई सेक्टर में ही लोन दिया गया है। वहीं जीडीपी में दूसरे पायदान पर प्रदेश हैं। सत्र के दौरान वित्त व संसदीय मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि देश में उत्तर प्रदेश ही ऐसा राज्य है। जहां खर्च कम और रेवेन्यू अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई मंल्टीनेशनल कंपनियां निवेश कर रही है,जो पहले चीन व अन्य देशों में व्यापार के लिए चली जाती थी। उन्होंने कहा कि हीरा नंदानी ग्रुप ने डाटा सेंटर प्रदेश में बनाया। यहां व्यापार करने के लिए निवेशकों को अच्छा माहौल दिया जा रहा है। नीतियों में बदलाव किया गया,जिससे अधिक से अधिक निवेशक यूपी में निवेश करें। उन्होंने उद्यमियों से गुजारिश की कि ऐसा उत्पाद तैयार करें,जिसकी गुणवत्ता बेहतर हो। आपकी ओर से बनाएं गए उत्पादों को हम विदेश में बेच सके। दूसरे देश हमारे ऊपर निर्भर बने। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए सरकार हर उद्यमियों की मदद को आगे आई है। यहां जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है। उसके बेहतर विकल्पों पर काम भी किया जाएगा। उन्होंने बैंकों से भी अपील की कि युवाओं की मदद करने के लिए आगे आएं। उनका कहना था कि 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश सत्ता में आने के बाद बढ़ा है। 55 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन का निर्माण यूपी में ही हो रहा है। इस मौके पर एपीसी व अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के साथ कई बैंको के महाप्रबंधक आदि मौजूद रहे। अंकुर त्रिपाठी की रिपोर्ट...