ग्रेनो वेस्ट के औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-12 के उद्यमी सार्वजनिक यातायात की सुविधा नहीं होने से परेशान हैं। इस कारण उद्यमियों ने अपनी महिला कर्मचारियों के काम के समय में कटौती की है। ताकि वो अंधेरा होने से पहले ही अपने घर पहुंच जाए। वहीं उद्यमी ग्रेनो वेस्ट के जाम, अवैध पार्किंग, प्राधिकरण नीति से भी परेशान है। आरोप है कि प्राधिकरण समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दे रहा हैं। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ग्रेनो वेस्ट के औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-12 में उद्यमी संवाद किया। जहां उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को अमर उजाला के साथ साझा किया। उद्यमियों ने बताया कि वर्ष 2005 में सेक्टर में 120 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन हुआ था। तब से समस्याओं का सामना करना पड़ा हैं। प्राधिकरण ने ओटीएस में उद्यमियों से पुराने कागजात मांगें जा रहे हैं। अगर किसी के पास कागजात है तो उद्यमी पुराना पैसा जमा करने दावा नहीं कर सकते है। प्राधिकरण स्तर पर भी इन कागजात को सुरक्षित रखा जाएगा। इसमें उद्यमियों की गलती नहीं हैं। निवेश मित्रा पोर्टल पर एक समय में उद्योग के कागजात अपलोड कराए जाए। उसके बाद अगर किसी विभाग से संबंधित एनओसी का आवेदन करना है तो फिर सॉफ्टवेयर उन्हीं कागजात से सत्यापन करें। 45 दिन में आवेदन का निस्तारण करने का दावा किया जाता है, लेकिन इस दौरान एक विभाग से ही एनओसी नहीं मिल पाती हैं। सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था नहीं है। कर्मचारी मुश्किल से कंपनियों तक पहुंच रहे हैं। इसी कारण महिला की सुरक्षा को ध्यान में रख शिफ्ट का समय कम किया गया हैं। ताकि वो समय से घर पहुंच सके। वहीं उद्योग बंधु की बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अफसर नहीं आते है। जिलाधिकारी ने परेशान होकर प्राधिकरण में ही बैठक कराने को कहा हैं।