असाध्य रोग निधि योजना के तहत ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में जनवरी माह से उपचार शुरू किया गया है। योजना के तहत जिम्स में अभी तक 72 लोगों ने उपचार कराया है। योजना के तहत उपचार कराने पर मरीज के उपचार में लगने वाला पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन करती है। योजना का लाभ उठाने के लिए मरीज के पास केवल अंत्योदय कार्ड होना जरूरी है। जिम्स के निदेशक राकेश गुप्ता ने बताया कि असाध्य रोग निधि योजना के तहत आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी माह में योजना के तहत उपचार शुरू किया गया था। जिसमें अभी तक कुल 72 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। इसमें डायलिसिस, ऑपरेशन और हार्ट के अलावा अन्य कई बीमारियों का उपचार किया जा चुका है। हमारा प्रयास है कि जिम्स में आने वाले जरूरतमंद और असहाय लोगों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। मरीजों को विभागों की ओर से खुद कई बार उनकी स्थिति को देखते हुए पंजीकृत कर योजना के तहत उपचार किया जाता है। जिम्स के डीन प्रशासन अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि योजना के तहत किडनी, हार्ट अटैक, टिटनिस, डेंगू, थैलसिमिया, कैंसर और डायलिसिस समेत करीब एक दर्जन गंभीर बीमारियों का उपचार किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन जिम्स में तीन से चार मरीजों का उपचार योजना के तहत किया जा रहा है। इसके अलावा मरीजों को योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। योजना के तहत उपचार कराने के दौरान खर्च की कोई वैधता नहीं है। एक रुपये से लेकर जितना भी रुपया उपचार में लगता है पूरा प्रदेश सरकार की ओर से वहन किया जाता है। जिम्स निदेशक राकेश गुप्ता से खास बातचीत। संवाददाता आशीष चौरसिया की रिपोर्ट...