गुरुग्राम के सरस मेले में ओडिशा पवेलियन स्थित स्टॉल नंबर 206 पर धनलक्ष्मी सेल्फ हेल्प ग्रुप खास आकर्षण बना हुआ है। इस समूह में करीब 10 महिलाएं काम करती हैं, जो धान की बालियों से सुंदर मूर्तियां तैयार करती हैं। इन मूर्तियों को बनाना आसान नहीं होता। पहले धान की बालियों को धागों से बुनकर आकार दिया जाता है, फिर उनसे भगवान गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती और प्रभु जगन्नाथ की मूर्तियां बनाई जाती हैं। एक मूर्ति तैयार करने में लगभग दो से तीन दिन का समय लगता है। यह महिलाएं पिछले करीब 10 वर्षों से इस पारंपरिक कला से जुड़ी हैं और अपनी हस्तकला से खरीदारों को आकर्षित कर रही हैं।