गाजियाबाद में हाल ही में सामने आए हादसे ने बच्चों और किशोरों में बढ़ती मोबाइल व ऑनलाइन गेमिंग की लत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक आज की आवश्यकता है, लेकिन बिना निगरानी इसके उपयोग से मानसिक और सामाजिक व्यवहार प्रभावित हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार मोबाइल या लैपटॉप से दूरी समाधान नहीं है, बल्कि सीमित और नियंत्रित उपयोग ही सही रास्ता है।