सड़कों पर स्कूली वाहन धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ाते मिल जाएंगे। फरीदाबाद में चालक वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर लाना ले जाना कर रहे हैं। जिस वाहन में चार बच्चे बैठाने चाहिए उसमें आठ-नौ बैठा रहे हैं। जिन वाहनों के खिलाफ न तो परिवहन विभाग कठोर कार्रवाई कर रहा है। और न ही ट्रैफिक पुलिस कुछ बड़ी कार्रवाई करती है। शहर के ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को घऱ से लाने और ले जाने के लिए बस, वैन और ई-रिक्शा चल रहे हैं। जिसमें से कुछ स्कूल के होते हैं तो कुछ बाहर के लोग लगाएं हैं। ई-रिक्शा में चार बच्चे बैठने चाहिए। उससे आठ-दस तक बच्चे बैठकर सफर करते दिख जाएंगे। इसी तरह कुछ वैन में सात और कुछ में नौ लोग के बैठने की परमिशन होती है। जिस स्कूली वैन में सात बच्चों के बैठने की क्षमता होती है उसमें चालक अवैध तरीके से सीट लगाकर 15-16 बच्चों को बैठाते हैं। जिसमें नौ बच्चों के बैठने की जगह होती है। उसमें 20 तक बच्चें चालक बैठाते हैं।