आयुष्मान डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र में इलाज लेने के लिए आने वाले सभी मरीजों का डिजिटल डाटा तैयार किया जा रहा है। अब प्रत्येक मरीज की आभा आईडी बनाई जाएगी। इस आईडी की मदद से मरीजों से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी डिजिटल रूप में संग्रहित होगी। अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अब बिना आभा आईडी इलाज संभव नहीं होगा। यह आभा आईडी 1 दिसंबर से अनिवार्य कर दी गई है। उसके लिए मरीज को स्वास्थ्य केंद्र व अस्पताल में आधार कार्ड लेकर आना होगा।