राजधानी देहरादून में गोवर्धन पूजा के अवसर पर चैतन्य चैतन्य गोडीय मठ मंदिर में भजन कीर्तन किए गए। गोवर्धन पूजा जिसे 'अन्नकूट पूजा' भी कहा जाता है। इस पर्व को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा के कारण इसे गोवर्धन पूजा का नाम मिला। यह त्योहार दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है और इसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों की पूजा और संरक्षण का संदेश देना है।