किस्टाराम और गोलापल्ली क्षेत्रों में नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और लगातार सफल नक्सल विरोधी अभियानों के कारण माओवादियों का स्वतंत्र विचरण क्षेत्र सिमट गया है। साथ ही, सुदूर अंचलों तक विकास योजनाओं और शासकीय सुविधाओं की पहुँच से स्थानीय जनता का भरोसा शासन-प्रशासन के प्रति मजबूत हुआ है, जिससे माओवादी संगठन में तेजी से मोहभंग बढ़ा है। यह आत्मसमर्पण इसी मोहभंग का परिणाम है।