कोंडागांव में केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम और नियमों में बदलाव किए जाने के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। एआईसीसी और पीसीसी के निर्देश पर कोंडागांव जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में चौपाटी मैदान में आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। धरना स्थल पर वक्ताओं ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा सरकार ने कोई नई जनकल्याणकारी योजना नहीं दी, बल्कि कांग्रेस सरकार की योजनाओं के नाम बदलकर ही काम चलाया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण कानून में बदलाव गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता के हितों के खिलाफ है। पूर्व विधायक केशकाल संत नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि भाजपा गांधी विचारधारा से नफरत करती है और गोडसे को पूजती है, यही कारण है कि मनरेगा जैसे कानून के नाम और स्वरूप से छेड़छाड़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास नई सोच और नई नीति का अभाव है, इसलिए पुराने कानूनों में संशोधन कर केवल भ्रम फैलाया जा रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि घोष ने कहा कि भाजपा यदि नई योजनाएं बनाती है तो उनके नाम भगवान राम या कृष्ण के नाम पर भी रखे, कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है। कांग्रेस पार्टी राम विरोधी नहीं है, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से नफरत भाजपा की गोडसे-प्रेम की मानसिकता को उजागर करती है। धरना प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र सरकार से नाम बदलने की राजनीति बंद करने और वास्तविक जनहित के काम करने की मांग की। कार्यक्रम के समापन पर पूर्व बस्तर सांसद दिनेश कश्यप एवं केबिनेट मंत्री केदार कश्यप की माता स्वर्गीय मनकी देवी कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। धरना में जिला, ब्लॉक, मंडल, सेक्टर और बूथ स्तर के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।