कोरबा रेलवे स्टेशन में उस समय हड़कंप मच गया, जब रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक जांच पड़ताल शुरू कर दी। संयुक्त टीम डॉग स्वायड की मदद से न सिर्फ ट्रेन बल्कि प्लेटफार्म में रखे सामानों की तलाशी लेने लगी। यह देख यात्री एक दूसरे से जानकारी लेने का प्रयास करने लगे। माजरा समझ आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। दरअसल पुलिस और आरएफ के अधिकारी व जवान किसी आपात स्थिति से निपटने मॉकड्रील कर रहे थे।बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशनों मे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए आरपीएफ व पुलिस की संयुक्त टीम समय समय पर पूर्वाभ्यास करती है। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा के अलावा संदिग्ध व्यक्ति या सामान की जांच की जाती है, ताकि ऐसी कोई भी स्थिति निर्मित होने पर तत्काल एक्शन लिया जा सके। इसी कड़ी में बुधवार की दोपहर रेलवे स्टेशन में पूर्वाभ्यास किया गया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश एएसपी नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन में कोरबा सीएसपी भूषण एक्का व रक्षित निरीक्षक अनथ राम पैकरा विभाग के 17 अफसर व जवान के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां पहले से ही आरपीएफ प्रभारी सुजीत कुमार अपने 13 मातहत अधिकारी व जवानों के साथ मौजूद थे। जिसमें बीडीडीएस टीम भी थी। पहले तो सीएसपी श्री एक्का ने संयुक्त टीम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने संबंधी जानकारी दी। तत्पश्चात डॉग स्क्वायड की मदद से ट्रेन और प्लेटफार्म में अभियान चलाया गया। मॉकड्रील के लिए प्लेटफार्म में ही श एक बैग को रखा गया था, जिसे खोजी मि डॉग को सूंघाकर बैग में रखे सामान की पहचान कराई गई। इसके अलावा संदिग्ध लोगों की पहचान का अभ्यास किया गया। क करीब एक घंटे तक चले मॉकडील के दौरान रेलवे स्टेशन में हड़कंप मचा रहा। लोग किसी अनहोनी की आशंका जताते रहे, लेकिन माजरा समझ आने पर राहत की सांस ली। आरपीएफ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। आरपीएफ की टीम समय समय पर विशेष जांच अभियान चलाती है। इस अभियान के दौरान संदिग्ध लोगों पर कार्रवाई तो की जाती है, यात्रियों की शिकायत को भी गंभीरता से लिया जाता है। मंगलवार को आरपीएफ व पुलिस की संयुक्त टीम ने मॉकड्रील के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षा के प्रति संकल्पित होने का संदेश दिया है।