धमतरी के मनीष राव पावर और संजय गायकवाड़ नाम के दो व्यक्तियों ने एक मिसाल पेश की है। दोनों ने मरणोपरांत देहदान करने का फैसला किया है। जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है और लोग इनके निर्णय की तारीफ भी कर रहे हैं। बता दें मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए मृत शरीर बहुत जरूरी होता है। मृत शरीर के माध्यम से ही उन्हें प्रैक्टिस कराई जाती है। लेकिन देहदान के लिए लोग आगे नहीं आते हैं। जिससे मेडिकल के छात्रों को परेशानी भी होती है, वहीं धमतरी शहर के मराठा पारा वार्ड के रहने वाले संजय गायकवाड़ और मनीष राव पावर ने एक मिसाल पेश की है। दोनों ने मरणोपरांत देहदान करने का फैसला किया है। दोनों ने आज शुक्रवार को जिला अस्पताल धमतरी पहुंच कर देहदान करने का घोषणा पत्र भरकर अस्पताल प्रबंधन को सौंपा और कहा है कि उनके मरने के बाद मृत शरीर को शरीर रचना विज्ञान विभाग पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर को सौंपा जाएगा। वहीं दोनों के इस पहल की पूरे जिले में चर्चा हो रही है। मनीष राव और संजय गायकवाड़ ने कहा कि शरीर को जलाने से कोई फायदा नहीं होगा। मृत देह मेडिकल के छात्रों के पढ़ाई के लिए बहुत काम आएगा। आगे कहा कि लोग हमसे प्रेरित होकर वे भी देहदान के लिए आगे आये। ताकि मेडिकल के छात्रों को लाभ मिल सके, मरने के बाद किसी के काम आ जाये, इसलिए देहदान करने का फैसला लिया है।