हरियाणा के एडीजीपी आईपीएस वाई पूरण कुमार के पोस्टमार्टम पर संशय बना हुआ है। परिवार को मनाने की कोशिशें जारी हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सांसद कुमारी सैलजा और हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र अमनीत पी कुमार के घर पहुंचे हैं। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि दोषी कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति क्यों ना हो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सैनी ने वाई पूरण सिंह के निधन को बड़ी दुखद दुर्घटना बताते हुए कहा कि जैसे ही जापान में हमें ये सूचना मिली, हमने उनकी पत्नी को ढांढस बंधाया और अधिकारियों को उनके साथ घर भेजा। हमारी सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी। अगर किसी व्यक्ति को कोई तंग करेगा तो हम उसे बख्शेंगे नहीं। सैनी ने कहा कि विपक्ष को ऐसे मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। परिवार के साथ अन्याय हुआ है तो न्याय देने का काम हमारी सरकार करेगी। इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस शव को शनिवार को सेक्टर-16 अस्पताल की मोर्चरी से पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई लेकर पहुंची। आठ बजकर 43 मिनट पर एम्बुलेंस से शव को पीजीआई ले जाया गया। परिजनों ने कहा है कि शव को पीजीआई शिफ्ट करने के लिए हमसे सहमति नहीं ली गई है। 31 सदस्यीय कमेटी के सदस्य गुरमेल ने बताया कि परिवार के अनुसार, उनकी सहमति के बिना पोस्टमार्टम करने की कोशिश की जा रही है। परिजनों ने कहा कि बच्चों को पिता का चेहरे दिखाए बिना ही शव को सेक्टर 16 अस्पताल से पीजीआई ले जाया गया है।