फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Satta Ka Sangram: कौन थामेगा बिहार की सत्ता की कमान? जानिए मुंगेर की जनता से | Bihar Assembly Elections 2025

मुंगेर की मिट्टी इन दिनों सिर्फ धान की खुशबू नहीं बिखेर रही, बल्कि सियासत की सरगर्मियों से भी महक उठी है। गलियों में चर्चाओं का ताप बढ़ा है, चौपालों पर बहसों की गूंज है, और हर दिल में एक ही सवाल, “कौन थामेगा बिहार की सत्ता की कमान?” जब अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ मुंगेर पहुंचा, तो लगा जैसे लोकतंत्र की नब्ज यहीं धड़क रही हो, कहीं उम्मीदों की आवाज, कहीं नारों की गूंज, और बीच में जनता की अपनी राय जो आने वाले भविष्य का रास्ता तय करेगी। स्थानीय निवासी गुड्डू ने बताया, “हम असरगंज के रहने वाले हैं और अरुण कुमार साव (राजद) को ही वोट देंगे। वो हमारे लोकल नेता हैं और लोगों के बीच हमेशा रहते हैं।” कैलाश कुमार ने कहा, “यहां की सड़कें बहुत खराब हैं। जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती है। आए दिन जाम लगता है और लोगों का समय भी बर्बाद होता है।” उन्होंने आगे कहा, “हम प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहते हैं कि हमें ट्रेन नहीं, बल्कि यहां फैक्ट्री चाहिए। ताकि लोगों को अपने ही इलाके में नौकरी मिल सके। आज बिहार के लोग दूसरे राज्यों में जाकर परेशान हो रहे हैं। अगर आप देखेंगे तो आप को पता चलेगा कि दूसरे राज्यों के लोग यहां काम करने नहीं आते।” सागर कुमार बोले, “यहां कई नेता आए और चले गए, सबने एयरपोर्ट और सड़कों की बात की, लेकिन कोई ये नहीं बताता कि गरीब आदमी एयरपोर्ट जाएगा कैसे? उसके पास न कार है, न साधन। असली जरूरत है फैक्ट्री खोलने की, ताकि लोगों को रोजगार मिले। बिहार में वही जीतेगा, जो फैक्ट्री खोलेगा, शिक्षा व्यवस्था सुधारेगा और नौकरियां देगा।” मनीष कुमार ने कहा, “इस बार तारापुर विधानसभा में बदलाव जरूर होगा। लोग अरुण कुमार साव को ही समर्थन दे रहे हैं। यहां बीस वर्षों से कोई बदलाव नहीं हुआ है। न अस्पताल है, न सड़कें ठीक हैं। लोग अब सच में बदलाव चाहते हैं।”

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें