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छोटी कार की खरीदारी में आएगी तेजी, जीएसटी दर में कटौती का मिलेगा फायदा!

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Mon, 31 Aug 2026 09:53 PM IST

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए जीएसटी 2.0 नई उम्मीद लेकर आया है। टैक्स दरों में कटौती के बाद छोटी कारों की बिक्री को रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव का मानना है कि जीएसटी में मिली राहत का असर आने वाले वर्षों में भारतीय कार बाजार पर साफ दिखाई देगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले पांच वर्षों में छोटी कारों के बाजार की हिस्सेदारी पिछले पांच वर्षों के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ सकती है।

मारुति सुजुकी की वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए आरसी भार्गव ने भारतीय ऑटो उद्योग के भविष्य को लेकर बड़ा अनुमान सामने रखा। उनके मुताबिक भारतीय कार उद्योग का कुल आकार वर्ष 2031 तक बढ़कर करीब 63 लाख यूनिट्स तक पहुंच सकता है। यानी आने वाले वर्षों में देश में कारों की मांग और बिक्री दोनों में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

जीएसटी दरों में बदलाव को ऑटो सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास तौर पर छोटी कारों के लिए टैक्स में राहत से ग्राहकों के लिए वाहन खरीदना पहले की तुलना में आसान हो सकता है। यही वजह है कि मारुति के चेयरमैन को उम्मीद है कि आने वाले पांच वर्षों में छोटी कारों का बाजार तेजी से विस्तार करेगा।

भार्गव के मुताबिक, टैक्स राहत ऐसे समय में आई है जब दुनिया की अर्थव्यवस्था कई तरह की अनिश्चितताओं से गुजर रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।

आरसी भार्गव ने जीएसटी सुधारों को सिर्फ ऑटो उद्योग के लिए नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था के लिए अहम बताया। उनका कहना है कि अगर जीएसटी में ये सुधार नहीं किए गए होते तो वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन शायद इतना मजबूत नहीं रहता।

उन्होंने कहा कि जीएसटी कलेक्शन लगातार मजबूत बना हुआ है और अर्थव्यवस्था की स्थिति भी बेहतर है। टैक्स सुधारों ने ऑटो सेक्टर के साथ-साथ दूसरे उद्योगों को भी प्रोत्साहन दिया है। इसी वजह से भारतीय जीडीपी ग्रोथ भी कई वैश्विक एजेंसियों के अनुमानों से बेहतर रहने की उम्मीद बनी हुई है।

मारुति चेयरमैन ने जीएसटी कटौती को ऐतिहासिक सुधार कदम बताया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सरकार के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।

हालांकि इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आर्थिक सुधारों की रफ्तार और तेज करने की अपील भी की। भार्गव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को कारोबार करना आसान बनाने की दिशा में लगातार काम करना चाहिए। उनका मानना है कि अगर कंपनियों के लिए कारोबार का माहौल आसान होगा तो निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

आरसी भार्गव ने प्रशासनिक व्यवस्था में तकनीक के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि सरकारी कामकाज में तकनीक का उपयोग बढ़ने से भ्रष्टाचार को कम करने के साथ-साथ फैसलों और प्रक्रियाओं में होने वाली देरी को भी कम किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में जितनी तेजी से संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों का निर्माण होगा, सरकार का राजस्व भी उतनी ही तेजी से बढ़ेगा। अगर सरकारी योजनाएं प्रभावी तरीके से लागू होती रहीं और सुधारों की रफ्तार बनी रही तो देश में ज्यादा समावेशी और समान विकास को बढ़ावा मिल सकता है।

कुल मिलाकर, मारुति चेयरमैन की नजर में GST 2.0 सिर्फ टैक्स में बदलाव नहीं, बल्कि भारतीय ऑटो सेक्टर और अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने वाला बड़ा कदम है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि टैक्स राहत का फायदा ग्राहकों तक कितनी तेजी से पहुंचता है और क्या छोटी कारों की मांग वास्तव में आने वाले पांच वर्षों में बाजार की तस्वीर बदल पाती है।

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