आगरा के केंद्रीय जेल में निरुद्ध भरतपुर के राजा मान सिंह हत्याकांड के मामले में सजायाफ्ता नौ बंदियों को जयपुर केंद्रीय जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, भरतपुर के डीग में 21 फरवरी 1985 में विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार राजा मान सिंह, उनके दो सहयोगियों हरि सिंह और सुमेर सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया था। राजा मान सिंह और उनके सहयोगियों पर राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर में कथित टक्कर मारने का आरोप लगाया था। मामले में राजा मान सिंह की पुत्री कृष्णेंद्र कौर दीपा ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस उपाधीक्षक कान सिंह भाटी, रवि शेखर मिश्र समेत 18 पुलिसकर्मियों को नामजद किया था।
हत्याकांड की जांच सीबीआई ने की थी। उसने 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। उच्चतम न्यायालय ने मान सिंह के दामाद और शिकायतकर्ता विजय सिंह की याचिका पर 1989 में मुकदमे की सुनवाई जयपुर की विशेष अदालत से मथुरा स्थानांतरित कर दी थी। पिछले साल जुलाई में मथुरा की अदालत ने पुलिस उपाधीक्षक कान सिंह ठाकुर, रवि शेखर मिश्रा समेत 11 पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजायाफ्ता दस बंदियों रवि शेखर, जगमोहन, वीरेंद्र, पदमाराम, भंवर सिंह, हरि सिंह, शेर सिंह, छतर सिंह, जीवनराम और सुखराम को केंद्रीय जेल आगरा में शिफ्ट किया गया। रवि शेखर की 29 अप्रैल को इलाज के दौरान मौत हो गई।
बंदियों को किया शिफ्ट
केंद्रीय जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि नौ बंदियों को जयपुर केंद्रीय जेल भेजा गया है। इस संबंध में शासन से आदेश दिया गया था। सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बंदियों को शिफ्ट किया गया है।
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