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Sleep and Disha : सोते समय किस दिशा में होना चाहिए पैर, क्या कहता है इसके बारे में वास्तुशास्त्र का नियम ?

Wed, 19 Jan 2022 01:20 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व - फोटो : अमर उजाला
 Sleep And Disha : मनुष्य के जीवन में नींद एक बहुत जरूरी प्रक्रिया है। अच्छी नींद लेने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और मन तरोताजा होता है जिससे व्यक्ति की कार्यकुशला में इजाफा होता है। नींद का संबंध हमारे शारीरिक और मानसिक सेहत दोनों पर बहुत गहरा प्रभाव होता है। व्यक्ति को नींद न आने से तमाम तरह की मानसिक और शारीरिक समस्या पैदा हो जाती है। जहां एक तरफ अच्छी नींद के लिए दिमाग का शांत होना जरूर होता हो वहीं दूसरी ओर शयनकक्ष का सही दिशा में होना और किस दिशा में सिर रखकर सोना वास्तु शास्त्र  में संबंध रखता है। ज्योतिष शास्त्र में अच्छी और पूरी नींद के लिए दिशाओं के अनुरूप ही सोना चाहिए।वास्तु में निद्रा के लिए कुछ नियम बताए गए हैं,जिनका पालनकर व्यक्ति स्वस्थ्य व सक्रिय जीवन व्यातीत कर सकता है।

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वास्तुशास्त्र में सभी 8 दिशाओं का महत्व
पूर्व दिशा का प्रभाव
वास्तु शास्त्र में पूर्व दिशा की दिशा को देवताओं का स्वामी माना गया है। इस दिशा में सिर करके सोने से स्मृति, एकाग्रता एवं  स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है और मनुष्य का आध्यात्मिकता के प्रति झुकाव बढ़ता है। वास्तु के अनुसार छात्रों को स्मृति में वृद्धि एवं एकाग्रता बढ़ाने के लिए पूर्व दिशा में सिर करके सोना लाभकारी हो सकता है।
 
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vastu tips
उत्तर दिशा का प्रभाव
वैज्ञानिक मत के अनुसार मनुष्य का शरीर चुम्बकीय तरंगों से प्रभावित होता है और मनुष्य का शरीर स्वयं सूक्ष्म चुम्बकीय तरंगों को फेंकता भी है जो प्रभामंडल में आकर्षण एवं विकर्षण उत्पन्न करती हैं। जिस प्रकार पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव है ठीक उसी प्रकार से मनुष्य शरीर का मस्तिष्क वाला हिस्सा उसका उत्तरी ध्रुव माना गया  है। इसलिए विश्राम के लिए व्यक्ति का सिर वाला हिस्सा सदैव दक्षिण ध्रुव की ओर रहना चाहिए ताकि चुम्बकीय तरंगें सही दिशा में प्रवाहित हो सकें। इसके विपरीत उत्तर दिशा में सिर रखकर सोने से चुम्बकीय प्रवाह अवरुद्ध होकर बिगड़ जाएगा जिस कारण मनुष्य को ठीक से नींद नहीं आ पाएगी। वास्तु के अनुसार इस दिशा में सिर करके सोने से नींद बाधित होती है जिस कारण सिरदर्द रह सकता है। जो लोग उत्तर की तरफ सिर एवं दक्षिण की तरफ पैर रखकर सोते हैं ऐसे लोग रातभर करवटें बदलते रहेंगे,सुबह उठकर भी आलस्य बना रहेगा। मानसिक बीमारियों की संभावना बढ़ जाएगी अतः वास्तु की मानें तो इस दिशा में सिर करके कभी न सोएं।

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vastu tips - फोटो : vastu tips
पश्चिम दिशा का प्रभाव
 वास्तु के अनुसार पश्चिम दिशा में सिर करके सोना भी अनुकूल है क्योंकि यह दिशा नाम,प्रसिद्धि,प्रतिष्ठा और समृद्धि को बढ़ाती है।
 
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vastu tips - फोटो : social media
दक्षिण दिशा का प्रभाव  
मृत्यु के देवता यम दक्षिण दिशा के स्वामी हैं,इस दिशा में सिर करके सोना सबसे अच्छा है। वास्तु में कहा गया है कि स्वस्थ जीवन एवं लंबी आयु चाहने वाले मनुष्य को सदैव अपना सिर दक्षिण में एवं पैर उत्तर दिशा की और करके सोना चाहिए'।इस दिशा की ओर सिर करके सोने से व्यक्ति को धन,ख़ुशी,समृद्धि एवं यश की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त व्यक्ति गहरी नींद में आराम से सोता है।
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