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Mangal Gochar 2025: मंगल का मिथुन राशि में गोचर, जानें सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा इसका प्रभाव

Tue, 21 Jan 2025 11:36 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Mangal Gochar 2025:  आज (21 जनवरी 2025) साहस और पराक्रम कारक ग्रह मंगल कर्क से मिथुन राशि में प्रवेश कर लिया है। मंगल 24 फरवरी तक मिथुन राशि में वक्री रहेंगे, फिर इसके बाद मार्गी हो जाएंगे और 02 अप्रैल को फिर कर्क राशि में गोचर करेंगे। मंगल के मिथुन राशि में गोचर करने से सभी राशियों के लोगों के ऊपर इसका प्रभाव पड़ेगा। 
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mangal gochar 2025: सेनापति मंगल ने किया मिथुन राशि में गोचर - फोटो : अमर उजाला
Mangal Gochar 2025: 07 दिसंबर 2024 को ग्रहों के सेनापति और भूमिपुत्र मंगल कर्क राशि में वक्री हुए थे और अब वक्री अवस्था में ही रहते हुए आज यानी 21 जनवरी 2025 को मिथुन राशि में गोचर करने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल को रक्त, साहस, युद्ध और पराक्रम का कारक ग्रह माना जाता है। मंगल ग्रह आज वक्री अवस्था में रहते हुए कर्क राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए बुध की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। आपको बता दें कि जब कोई ग्रह वक्री चाल से भ्रमण करता है तो इसका अर्थ होता है उल्टा चलना या फिर पीछे की तरफ चलना। ऐसे में जब ग्रह वक्री होता है तो इस दौरान वह पीछे की तरफ चलता हुआ प्रतीत होता है। ज्योतिष में वक्री ग्रह की चाल को अच्छा नहीं माना जाता है। ग्रहों के वक्री चाल का फल अधिकतर नकारात्मक होता है,हालांकि यह कभी-कभी शुभ परिणाम भी देता है। ग्रह परिषद में प्रमुख भूमिका निभाने वाले पृथ्वी पुत्र मंगल का वक्री अवस्था में रहते हुए मिथुन राशि में गोचर करने से सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
 
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वृषभ राशिफल 2025  वृश्चिक राशिफल 2025 
मिथुन राशिफल 2025 धनु राशिफल 2025 
कर्क राशिफल 2025  मकर राशिफल 2025 
सिंह राशिफल 2025  कुंभ राशिफल 2025 
कन्या राशिफल 2025  मीन राशिफल 2025 
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- फोटो : amar ujala
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल कुंडली में पहले और आठवें भाव के स्वामी हैं और अब वक्री अवस्था में रहते हुए आपके तृतीय भाव में गोचर करेंगे। राशि से तीसरे पराक्रम भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव आपके लिए अच्छा रहेगा लेकिन परिवार के छोटे सदस्यों से मतभेद बढ़ सकता है ऐसे में आपको अपने को नियंत्रित रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। धर्म कर्म में मन लगेगा और आध्यात्मिक उन्नति होगी। आप लोगों की मदद करेंगे। जिससे आपका प्रसन्न रहेगा।
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वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब ये वक्री अवस्था में रहते हुए आप दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। आपकी राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए मंगल आकस्मिक धन प्राप्ति का योग बन रहा है। लेकिन आपकी कोई बात लोगों को पता चलने के कारण आपको नुकसान भी उठाना पड़ेगा। मंहगी वस्तुओं का क्रय करेंगे। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद हल होंगे। मकान और वाहन का क्रय करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से समय बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें।

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- फोटो : amar ujala
मिथुन राशि
मंगल का वक्री चाल से चलते हुए मिथुन राशि में गोचर आपके पहले भाव यानी लग्न भाव में हुआ है। मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगलदेव छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। चिंता में बढ़ोतरी हो सकती है। कार्यों में नकारात्मकता छा सकती है। उतार-चढ़ाव की अधिक रहेगा। मन उदास और स्वभाव में भी उग्रता आ सकती है इसलिए इन सब बातों का ध्यान रखते हुए कोई भी निर्णय लेंगे तो अधिक सफल रहेंगे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों के प्रतीक्षित कार्य संपन्न होंगे। गुप्त शत्रुओं से बचें और कोई भी कार्य जब तक पूर्ण न कर लें उसे सार्वजनिक न करें।
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कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल पंचम और दशम भाव के स्वामी हैं  और अब मंगलदेव उल्टी चाल से चलते हुए आपके बारहवें भाव में गोचर करेंगे। राशि से बारहवें व्यय भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। कार्यक्षेत्र को लेकर भागदौड़ की अधिकता रहेगी। कामकाज में यात्रा भी करनी पड़ सकती है। आपको फिजूलखर्ची से बचना होगा नहीं तो आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। यात्रा सावधानी पूर्वक करें, वाहन दुर्घटना से भी बचें और यात्रा के समय आपको अपने सामान की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। 
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सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल महाराज चतुर्थ और नवम भाव के स्वामी हैं और अब वक्री अवस्था में मंगल का मिथुन राशि में गोचर आपके एकादश भाव में हुआ है। राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव आपको अच्छा फल प्राप्त कराएगा। उच्चाधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे किंतु परिवार के वरिष्ठ सदस्यों अथवा बड़े भाइयों से मतभेद गहरा सकता है। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी। 
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कन्या राशि
कन्या राशि के लोगों के लिए मंगलदेव तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं। वक्री मंगल का गोचर मिथुन राशि में होने से यह आपके दशम भाव यानी कर्म भाव में हुआ है। दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए मंगल कार्य-व्यापार में तो उन्नति देंगे लेकिन कहीं न कहीं तनाव भी पैदा करेंगे और अस्थिरता का सामना भी करना पड़ सकता है। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें। मित्रों तथा संबंधियों से अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। किसी नए टेंडर के लिए आवेदन करना हो या नौकरी के लिए प्रयास करना हो तो समय बेहतरीन रहेगा।

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तुला राशि
इस राशि के जातकों के लिए मंगलदेव दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं। मंगल महाराज अब अपनी वक्री अवस्था में गोचर करते हुए आपके नवम भाव में हैं। नवम भाव भाग्य का भाव होता है। राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए मंगल मिलाजुला फल प्रदान करेंगे।  आपके कार्य धीर-धीरे संपन्न होंगे जिसमें आपको हताश और निराश होने की जररूर नहीं है। अपने अदम्य साहस और पराक्रम के बलपर कठिन परिस्थितियों पर भी आसानी से नियंत्रण पा लेंगे । आध्यात्मिक उन्नति तो होगी ही जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए आगे आएंगे। 

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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल पहले और छठे भाव के स्वामी हैं। अब वक्री चाल से यह आपके आठवें भाव में गोचर हुए हैं। आपकी राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता, कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद गहरा सकता है। आकस्मिक धन प्राप्ति का योग भी बनेगा। यात्रा सावधानीपूर्वक करें। वाहन दुर्घटना से आपको बचना होगा। किसी के साथ अगर कोई विवादित मामला चल रहा है तो उसको कोर्ट-कचहरी से बाहर ही सुलझाएं।

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धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए मंगलदेव बारहवें और पांचवें भाव के स्वामी हैं। मंगलदेव अब वक्री अवस्था में सातवें भाव में गोचर कर रहें है। आपकी राशि से सप्तम दांपत्य भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव कार्य व्यापार की दृष्टि से तो उत्तम रहेगा किंतु वैवाहिक वार्ता सफल होने में और समय लगेगा। शासनसत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। सरकारी कामकाज के लिए आवेदन करना हो तो उस दृष्टि से भी यह समय उत्तम रहेगा। अपने ही लोग कहीं न कहीं षड्यंत्रकारी सिद्ध होंगे । इसलिए हर कार्य और निर्णय बहुत सावधानी पूर्वक करने की आवश्यकता है। 

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मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए उनकी कुंडली में मंगलदेव चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और अब वक्री अवस्था में आपके छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए मंगल का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कार्य व्यापार में उन्नति तो होगी ही लिएगए निर्णयों की सराहना भी होगी। कार्यों में सफलाएं मिलेंगी। अधिक कर्ज के लेन-देन से बचें और स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। 

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कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल देव तीसरे और दसवें भाव के स्वामी होकर अब वक्री अवस्था में आपके पंचम भाव में गोचर कर रहे हैं। यह आपकी राशि से राशि से पंचम यानी विद्या भाव में गोचर करते हुए संतान संबंधी चिंता में वृद्धि कर सकते हैं। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी। प्रेम विवाह में भी रुकावटें आएंगी।
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मीन राशि
मीन राशि के लोगों के लिए मंगलदेव दूसरे और नौवें भाव के स्वामी है और उल्टी चाल से चलते हुए यह आपके चौथे भाव में गोचरस्थ हैं। राशि चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए मंगल सफलताओं के बावजूद कहीं न कहीं पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति का सामना करवाएंगे। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। यात्रा सावधानीपूर्वक करें, सामान चोरी होने से भी बचाएं। विदेश में रह रहे मित्रों अथवा संबंधियों से भी अप्रिय समाचार की प्राप्ति के योग। जमीन जायदाद संबंधी विवाद हल होंगे। वाहन क्रय भी कर सकते हैं।

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