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'मंदिर' में दाना चुगकर चिड़ियां 'मस्जिद' में पानी पीती हैं

काव्य डेस्क

Viral Kavya
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                            'मंदिर' में दाना चुगकर चिड़ियां 'मस्जिद' में पानी पीती हैं,
        
                                                    
                            
मैंने सुना है 'राधा' की चुनरी, कोई 'सलमा' बेगम सीती हैं 

एक 'रफ़ी' था महफ़िल महफ़िल 'रघुपति राघव' गाता था 
एक 'प्रेमचंद' बच्चों को 'ईदगाह' सुनाता था 

कभी 'कन्हैया' की महिमा गाता 'रसखान' सुनाई देता है 
औरों को दिखते होंगे 'हिन्दू' और 'मुसलमान'

मुझे तो हर शख़्स के भीतर 'इंसान'
दिखाई देता है
क्योंकि
ना हिंदू बुरा है ना मुसलमान बुरा है
जिसका किरदार बुरा है वो इन्सान बुरा है

- हमें यह शायरी सोशल मीडिया से हासिल हुई है। हमें इसके रचयिता का नाम पता नहीं है। अगर आपको इस बारे में जानकारी है तो हमें सूचित करें, हमें नाम सार्वजनिक करने में प्रसन्नता होगी।
8 वर्ष पहले
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Rabindra Aman

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