चंद्रयान की टीम ने देखो
कैसा अदभुत काम किया
युगों युगों से सूत कातती
अम्मा को आराम दिया
यही चांद मांगा करता था
मोटा एक झिंगोला
इसी चां दा मुंह टेढ़ा था
यही था वो अलबेला
अब मय्या से ज़िद ना करेंगे
बाल कृष्ण मुसकाएंगे
चंद खिलौना हाथ में लेकर
लीला नयी रचाएंगे
और हम भी अब पास से जाकर
देखेंगे बस घूर के
और ना कहेंगे चंदा को हम
चंदा मामा दूर के
मशहूर गीतकार प्रसून जोशी की फेसबुक वाल से साभार