विज्ञापन

Nawaz Deobandi: तेरे आने की जब ख़बर महके, तेरी ख़ुशबू से सारा घर महके

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            

तेरे आने की जब ख़बर महके
तेरी ख़ुशबू से सारा घर महके
 
शाम महके तिरे तसव्वुर से

शाम के बा'द फिर सहर महके
 
रात भर सोचता रहा तुझ को

ज़ेहन-ओ-दिल मेरे रात भर महके
 
याद आए तो दिल मुनव्वर हो

दीद हो जाए तो नज़र महके
 
वो घड़ी-दो-घड़ी जहाँ बैठे

वो ज़मीं महके वो शजर महके

2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Pandey

444 कविताएं

View Profile