विज्ञापन

मुनीर नियाज़ी: उन से नयन मिला के देखो, ये धोका भी खा के देखो

काव्य डेस्क

Urdu Adab
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            

उन से नयन मिला के देखो


ये धोका भी खा के देखो

दूरी में क्या भेद छुपा है
इस का खोज लगा के देखो

किसी अकेली शाम की चुप में
गीत पुराने गा के देखो

आज की रात बहुत काली है
सोच के दीप जला के देखो

दिल का घर सुनसान पड़ा है
दुख की धूम मचा के देखो

जाग जाग कर उम्र कटी है
नींद के द्वारे जा के देखो
हमारे यूट्यूब चैनल को Subscribe करें।
8 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all