सुना है रात उसे चाँद तकता रहता है
सितारे बाम-ए-फ़लक से उतर के देखते हैं
- अहमद फ़राज़
कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए
- बशीर बद्र
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शब बीती चाँद भी डूब चला ज़ंजीर पड़ी दरवाज़े में
क्यूँ देर गए घर आए हो सजनी से करोगे बहाना क्या
- इब्न-ए-इंशा
तुम आ गए हो तो कुछ चाँदनी सी बातें हों
ज़मीं पे चाँद कहाँ रोज़ रोज़ उतरता है
- वसीम बरेलवी
सौ चाँद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी
तुम आए तो इस रात की औक़ात बनेगी
- जाँ निसार अख़्तर
ऐ सनम जिस ने तुझे चाँद सी सूरत दी है
उसी अल्लाह ने मुझ को भी मोहब्बत दी है
- हैदर अली आतिश
वो चाँद कह के गया था कि आज निकलेगा
तो इंतिज़ार में बैठा हुआ हूँ शाम से मैं
- फ़रहत एहसास
तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता है
तेरे आगे चाँद पुराना लगता है
- कैफ़ भोपाली
याद के चाँद दिल में उतरते रहे
चाँदनी जगमगाती रही रात भर
- मख़दूम मुहिउद्दीन
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