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Ehsaas shayari: तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया

काव्य डेस्क

Urdu Adab
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                                                  अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को 
मैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मैं 
- आसी उल्दनी

तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया 
ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मिरे पास रह गया 
- अब्दुल हमीद अदम
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तन्हाई के लम्हात का एहसास हुआ है 
जब तारों भरी रात का एहसास हुआ है 
- नसीम शाहजहाँपुरी

मौत की पहली अलामत साहिब 
यही एहसास का मर जाना है 
- इदरीस बाबर

रेज़ा रेज़ा कर दिया जिस ने मिरे एहसास को 
किस क़दर हैरान है वो मुझ को यकजा देख कर 
- ख़ुशबीर सिंह शाद

मिरे अंदर कई एहसास पत्थर हो रहे हैं 
ये शीराज़ा बिखरना अब ज़रूरी हो गया है 
- ख़ुशबीर सिंह शाद

कैसी बिपता पाल रखी है क़ुर्बत की और दूरी की 
ख़ुशबू मार रही है मुझ को अपनी ही कस्तूरी की 
- नईम सरमद

ग़म से एहसास का आईना जिला पाता है 
और ग़म सीखे है आ कर ये सलीक़ा मुझ से 
- जावेद वशिष्ट

हर तरफ़ अपने ही अपने हाए तन्हाई न पूछ 
किस क़दर खलती है अक्सर हम को बीनाई न पूछ 
- अदील ज़ैदी

ख़ुदा ऐसे एहसास का नाम है
रहे सामने और दिखाई न दे
- बशीर बद्र
4 वर्ष पहले
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