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आज का शब्द: गौरव और देवमणि पांडेय की कविता... हिंदी भविष्य की आशा है

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                                                  गौरव यानी प्रतिष्ठा, मर्यादा, सम्मान या आदर। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- गौरव। प्रस्तुत है देवमणि पांडेय की कविता: हिंदी भविष्य की आशा है 

हिंदी इस देश का गौरव है, हिंदी भविष्य की आशा है
हिंदी हर दिल की धड़कन है, हिंदी जनता की भाषा है
इसको कबीर ने अपनाया
मीराबाई ने मान दिया
आज़ादी के दीवानों ने
इस हिंदी को सम्मान दिया
जन जन ने अपनी वाणी से हिंदी का रूप तराशा है
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हिंदी हर क्षेत्र में आगे है
इसको अपनाकर नाम करें
हम देशभक्त कहलाएंगे
जब हिंदी में सब काम करें
हिंदी चरित्र है भारत का, नैतिकता की परिभाषा है

हिंदी हम सब की ख़ुशहाली
हिंदी विकास की रेखा है
हिंदी में ही इस धरती ने
हर ख़्वाब सुनहरा देखा है
हिंदी हम सबका स्वाभिमान, यह जनता की अभिलाषा है
4 वर्ष पहले
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