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आज का शब्द: वंदना और सोहनलाल द्विवेदी की रचना- कौन सा मैं गीत गाऊँ?

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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                                                  'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- वंदना जिसका अर्थ है- प्रार्थना, स्तुति। प्रस्तुत है सोहनलाल द्विवेदी की रचना- कौन सा मैं गीत गाऊँ?

वंदिनी तव वंदना में
कौन सा मैं गीत गाऊँ?

स्वर उठे मेरा गगन पर,
बने गुंजित ध्वनित मन पर,
कोटि कण्ठों में तुम्हारी
वेदना कैसे बजाऊँ?

फिर, न कसकें क्रूर कड़ियाँ,
बनें शीतल जलन–घड़ियाँ,
प्राण का चन्दन तुम्हारे
किस चरण तल पर लगाऊँ?
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धूलि लुण्ठित हो न अलकें,
खिलें पा नवज्योति पलकें,
दुर्दिनों में भाग्य की
मधु चंद्रिका कैसे खिलाऊँ?

तुम उठो माँ! पा नवल बल,
दीप्त हो फिर भाल उज्ज्वल!
इस निबिड़ नीरव निशा में
किस उषा की रश्मि लाऊँ?

वन्दिनी तव वन्दना में
कौन सा मैं गीत गाऊँ?
3 वर्ष पहले
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