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आज का शब्द: उत्प्रेक्षा और कुँवर नारायण की कविता 'निकटता'

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है उत्प्रेक्षा जिसका अर्थ है - 1. संभावना 2. उपेक्षा 3. उदासीनता। कवि कुंवर नारायण ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 



अकेलापन एक तरह की दूरी है
अपने से

कभी-कभी कहीं दूर
छोड़कर अपने को
लौट आता हूँ परायों के पास,

पराए की तरह सोचता हूँ—
यह कैसा आस-पास
जिसमें सभी दूर दूर।

अनायास एक दूरी से कहता—‘हेलो दूरी’!
वह हँस देती।
हँसी भी एक तरह की निकटता है।

एक ढीठ उत्प्रेक्षा
मेरे पास सरक आती
न जाने कितनी दूरियों को दूर ढकेलते हुए। 
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7 महीने पहले
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