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आज का शब्द: उद्वेग औऱ अज्ञेय की कविता 'अपने प्रेम के उद्वेग में'

काव्य डेस्क

Aaj Ka Shabd
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हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है उद्वेग जिसका अर्थ है - 1. तेज़ गति 2. चित्त की आकुलता; जोश। कवि अज्ञेय ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 



अपने प्रेम के उद्वेग में मैं जो कुछ भी तुमसे कहता हूँ,
वह सब पहले कहा जा चुका है।

तुम्हारे प्रति मैं जो कुछ भी प्रणय-व्यवहार करता हूँ,


वह सब भी पहले हो चुका है।

तुम्हारे और मेरे बीच में जो कुछ भी घटित होता है


उससे एक तीक्ष्ण वेदना-भरी अनुभूति मात्र होती है
—कि यह सब पुराना है, बीत चुका है,
कि यह अभिनय तुम्हारे ही जीवन में मुझसे
अन्य किसी पात्र के साथ हो चुका है!

यह प्रेम एकाएक कैसा खोखला और निरर्थक हो जाता है! 

2 वर्ष पहले
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Updesh Kumar

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