किशोर कुमार की आवाज और आरडी वर्मन के संगीत को जब हिंदी सिनेमा के 'काका', यानि पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के रोमांटिक चेहरे की सोहबत मिली तो पर्दे पर 'अमर प्रेम' फिल्म के गीत 'चिन्गारी कोई भड़के' से लेकर 'मेरे जीवन साथी' के 'ओ मेरे दिल के छैन' तक न जाने कितने गीत जीवंत हो उठे।
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रोमांटिक गीतों को अपने हंसते मुस्कुराते चेहरे और उम्दा अदाकारी से अमर कर देने वाले अभिनेता राजेश खन्ना ने अपने दौर में लगातार 15 हिट फिल्में देकर बॉलीवुड को सुपर स्टार की परिभाषा दी थी। राजेश खन्ना की सफलता के पीछे संगीतकार आरडी बर्मन और गायक किशोर का अहम योगदान रहा है।
इनके बनाए और 'काका' पर फिल्माए अधिकांश गीत हिट साबित हुए और आज भी सुने जाते हैं। किशोर ने 91 फिल्मों में राजेश को आवाज दी तो आरडी ने उनकी 40 फिल्मों में संगीत दिया।
पर्दे पर मुमताज के साथ काका की जोड़ को भी खूब पसंद किया जाता था, फिल्म ' आपकी कसम' का 'जै जै शिव शंकर' भी बहुत हिट हुआ था। गीत के बोल आनंद बख़्शी ने लिखे, संगीत दिया था आर डी वर्मन ने-
1970 में आई फिल्म 'सफर' का 'जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर' आज भी उसी एहसास के साथ लोग गुनगुनाते हैं, इस गीत के गीतकार इंदीवर थे, संगीत तैयार किया था कल्याणजी-आनंदजी ने-
मुमताज के साथ 'गोरे रंग पे ना इतना गुमान कर', गीतकार आनंद बख़्शी, संगीतकार-लक्ष्मीकांत-प्यारे लाल