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शाहरुख की फ़िल्म ज़ीरो का गाना लिखने वाले गीतकार इरशाद कामिल के 10 सुपरहिट नग़्मे

काव्य डेस्क

Mere Azeez Filmi Nagme
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इरशाद कामिल हिन्दी फ़िल्म जगत के स्थापित गीतकारों में से एक हैं जो युवाओं के दिल की आवाज़ को शब्द देते हैं इसलिए उनके लिखे गाने भी ख़ूब सुने और पसंद किए जाते हैं। हाल ही में उनका लिखा गाना शाहरुख ख़ान की फ़िल्म 'ज़ीरो' में सुनाई दिया था जिसे एक ही दिन में ख़ासी प्रतिक्रिया मिली और वह सोशल मीडिया पर छा गया।

इरशाद ने और भी कई फ़िल्मों में ऐसे ही सुपरहिट गाने दिए हैं। पेश हैं उनमें से चुनिंदा 10 गीत

फ़िल्म- ज़ीरो 


वो रंग भी क्या रंग है मिलता ना जो तेरे होंठ के रंग से हूबहू
वो ख़ुशबू क्या ख़ुशबू ठहरे ना जो तेरी सांवली ज़ुल्फ़ के रूबरू

तेरे आगे ये दुनिया है फ़ीकी सी 
मेरे बिन तू ना होगी किसी की भी
अब ये ज़ाहिर सरे-आम है
ऐलान है

जब तक जहां में सुबह शाम है
तब तक मेरे नाम तू
जब तक जहां में मेरा नाम है
तब तक मेरे नाम तू


 

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अगर तुम साथ हो

फ़िल्म - तमाशा

पल भर ठहर जाओ दिल ये संभल जाए
कैसे तुम्हें रोका करूँ

मेरी तरफ आता हर ग़म फिसल जाए
आँखों में तुम को भरूं
बिन बोले बातें तुमसे करूँ
गर तुम साथ हो अगर तुम साथ हो

आज दिन चढ़ेया

फ़िल्म- लव आज कल 

अज्ज दिन चढ़ेया
तेरे रंग वरगा
अज्ज दिन चढ़ेया
तेरे रंग वरगा

फूल सा है खिला आज दिन
रब्बा मेरे दिन ये ना ढले
वो जो मुझे खवाब में मिले
उसे तू लगा दे अब गले
तेनू दिल दा वास्ता

ये इश्क़ हाए, बैठे बिठाए...

ये इश्क़ हाय बैठे बिठाये
जन्नत दिखाए हाँ

ओ रामा… ये इश्क़ हाय
बैठे बिठाये जन्नत दिखाए हाँ



 

शहर में हूं मैं तेरे

फ़िल्म- रॉकस्टार 

शहर में हूं मैं तेरे आके मुझे मिल तो ले
देना ना तू कुछ मगर आके मेरा दिल तू ले ले जाना
शहर में हूं मैं तेरे आके मुझे मिल तो ले
देना ना तू कुछ मगर आके मेरा दिल तो तू ले ले जाना


जग घूमेया थारे जैसा ना कोई

फ़िल्म- सुल्तान 

ओ.. ना वो अखियाँ रूहानी कहीं
ना वो चेहरा नूरानी कहीं
कहीं दिल वाली बातें भी ना
ना वो सजरी जवानी कहीं

जग घूमेया थारे जैसा ना कोई
जग घूमेया थारे जैसा ना कोई

नैना अश्क़ ना हो

फ़िल्म- हॉलीडे 

ओ यूँ ना लम्हा लम्हा मेरी याद में
होके तन्हा तन्हा मेरे बाद में
नैना अश्क़ ना हो

माना कल से होंगे हम दूर
नैना अश्क़ ना हो
नैना अश्क़ ना हो

रांझना हुआ मैं तेरा

फ़िल्म - रांझना 

हुआ चारों ओर शहनाई शोर
तू मेरी ओर चल निकला
चढ़ी प्रेम लोर, ओ दिल के चोर
कर मेरी भोर, अब मुख दिखला
रांझना हुआ मैं तेरा
कौन तेरे बिन मेरा
रौनकें तुम्ही से मेरी
कौन तेरे बिन मेरा
ओ… कौन तेरे बिन मेरा

ले जा ले जा रे महकी रात में

ले जा ले जा रे महकी रात में चुराके सारे रंग ले जा 
रात-रात मैं भीगूं साथ में तू ऐसी मुलाक़ात दे जा

चाहूं पास पास आना 
कोई ढूँढ़ के बहाना 
तुम्हें अपना माना 
चाहे रूठे ये ज़माना 
चाहे मारे जाग ताना 
तुमको है पाना


यारियां...

फ़िल्म- कॉकटेल 

अलविदा यारा अलविदा
हो रहे तुमसे हम जुदा
ले चले सारे ग़म तेरे
खुश रहे यारा तू सदा

तुमसे भी ज्यादा होंगी अब यादें प्यारियाँ
हम दोनों की हैं अपनी-अपनी लाचारियाँ
अब हँसते-हँसते तुम पे ले  खुशियाँ वारियाँ 

 

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