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आपके गीतकार - यहां सुनें ‘आनंद बक्शी’ के लिखे सुरीले नग़्मे

दीपाली अग्रवाल

Mere Azeez Filmi Nagme
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आनंद बक्शी जीवन भर ख़यालों को शब्दों में पिरोने का काम करते रहे। यूं तो वह गायक बनने फ़िल्मी दुनिया में पहुंचे थे लेकिन गीतकार बन गए। ऐसे गीतकार जिनके लिखे नग़्मों को सुनने वालों ने भरपूर प्यार दिया। उन्होंने क्लासिक हिट तो दिए ही साथ ही 90 के दशक के बाद लिखे गए उनके गीत भी ख़ासा लोकप्रिय हुए। 


प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है
हर खुशी से, हर ग़म से, बेगाना होता है

शमां कहे परवाने से, परे चला जा 
मेरी तरह जल जायेगा, यहाँ नहीं आ
वो नहीं सुनता, उसको जल जाना होता है

रहे कोई सौ परदों में, डरे शरम से 
नज़र अजी लाख चुराये, कोई सनम से
आ ही जाता है, जिसपे दिल आना होता है


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तुझे देखा तो ये जाना सनम

तुझे देखा तो ये जाना सनम
प्यार होता है दीवाना सनम
अब यहाँ से कहाँ जाएँ हम
तेरी बाँहों में मर जाएँ हम

आँखें मेरी, सपने तेरे
दिल मेरा, यादें तेरी
हो मेरा है क्या, सब कुछ तेरा
जाँ तेरी, साँसें तेरी
मेरी आँखों में आँसू तेरे आ गए
मुस्कुराने लगे सारे ग़म

अनदेखी अनजानी-सी पगली-सी दीवानी-सी

अनदेखी अनजानी-सी पगली-सी दीवानी-सी
जाने वो कैसी होगी रे
चोरी से चुपके-चुपके बैठी है दिल में छुप-के
जाने वो कैसी होगी रे

मेरे खयालों में ना जाने कितनी 
तस्वीरें बनने लगीं
बस आसमानों पर दो दिलों की
तकदीरें बनने लगी
बिन देखे है ऐसी बेचैनी तौबा
ओय रब्बा देखा तो जाने क्या होगा
सपनों में आने वाली
नींदें चुराने वाली
जाने वो कैसी होगी रे

ये दिल दीवाना दीवाना है ये दिल
दीवाने ने मुझको भी कर डाला दीवाना
मैंने उसके शहर को छोड़ा
उसकी गली में दिल को तोड़ा
फिर भी सीने में धड़कता है ये दिल
मैंने दिल से उसे निकाला
जो ना करना था कर डाला
फिर भी याद उसी को करता है ये दिल

दिल की खता भी है क्या
मुझको गिला भी है क्या
इस दिल्लगी के सिवा
दिल ने किया भी है क्या
आशिक़ है ये चोर नहीं है, मैं क्या करूं
दिल पे मेरा ज़ोर नहीं है, मैं क्या करूं


चिट्ठी ना कोई सन्देश

चिट्ठी ना कोई सन्देश
जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गए 
इस दिल पे लगा के ठेस

एक आह भरी होगी
हमने ना सुनी होगी
जाते जाते तुमने
आवाज़ तो दी होगी
हर वक़्त यही है गम
उस वक़्त कहाँ थे हम
कहाँ तुम चले गए

हर चीज़ पे अश्कों से
लिखा है तुम्हारा नाम
ये रस्ते घर गलियाँ
तुम्हें कर ना सके सलाम
हाय दिल में रह गई बात
जल्दी से छुड़ा कर हाथ
कहाँ तुम चले गए

7 वर्ष पहले
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