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ये बता , तेरी ज़र्रा नवाज़ी मैं भूलता कैसे।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बज़्म के दरम्यां,मुझे तन्हाई याद आती है।
        
                                                    
                            
बड़ी शिद्दत से,तेरी बेवफ़ाई याद आती है।।

ये बता , तेरी ज़र्रा नवाज़ी मैं भूलता कैसे।
इतनी दरियादिली, इंतिहाई याद आती है।।
-यूनुस खान
एक दिन पहले
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