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याद आते हैं

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            याद आते हैं अभी भी, दिन वो पुराने।
        
                                                    
                            
क्यूं लौटते नहीं , वो माज़ी के ज़माने।।

जब रौनकों से आबाद थे घर-आंगन।
खुशियों से लबरेज़ थे,अपने ठिकाने।।
-यूनुस खान
2 सप्ताह पहले
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