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यकीनन, हर मुलाकात के बाद जुदाई है।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            थोड़ी ना-नुकुर के बाद , वो मान गया था।
        
                                                    
                            
समझदार था,वक्त को पहचान गया था।।

यकीनन, हर मुलाकात के बाद जुदाई है।
रफ्ता-रफ्ता , वो हकीकत जान गया था।।
-यूनुस खान
एक महीने पहले
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