थोड़ी ना-नुकुर के बाद , वो मान गया था।
समझदार था,वक्त को पहचान गया था।।
यकीनन, हर मुलाकात के बाद जुदाई है।
रफ्ता-रफ्ता , वो हकीकत जान गया था।।
-यूनुस खान
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