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तय था

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरा आना तय था,तो सोते कैसे।
        
                                                    
                            
जगे थे, तो ख़्वाबों में खोते कैसे।।

गिला करना , तोहीन-ए-वफा है।
फिर,हम सर-ए-बज़्म रोते कैसे।।
-यूनुस खान
2 घंटे पहले
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