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हिम्मत करके आज सच बोल दिया मैंने।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरी ख़ामोशी को वो इकरार समझ बैठा।
        
                                                    
                            
आदतन, यूं इशारे को करार समझ बैठा।।

हिम्मत करके आज सच बोल दिया मैंने।
मगर साफगोई को वो, खार समझ बैठा।।
-यूनुस खान
एक महीने पहले
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