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ख़ामोशी है , पानी में आजकल।।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं हूं तेरी निगरानी में आजकल।
        
                                                    
                            
हर कोई है,हैरानी में आजकल।।

ना जाने,क्या हुआ है दरिया को।
ख़ामोशी है , पानी में आजकल।।

नये तरीके से सीखा है यूं जीना।
इस रूत , तूफ़ानी में आजकल।।
-यूनुस खान
2 घंटे पहले
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