विज्ञापन

जिंदगी जीने के जो आदाब , तय किये हैं तूने।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वो रस्म-ओ-रिवाज,जो उसको बजा लगती है।
        
                                                    
                            
गर सच कहूं,तो वो ही मुझको सजा लगती है।।

जिंदगी जीने के जो आदाब , तय किये हैं तूने।
उनसे गुज़र कर,तो ये जिंदगी कज़ा लगती है।।
-यूनुस खान
2 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all