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कुछ कह रही है, अंगड़ाई रात की।।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कितनी ख़ामोश है,तन्हाई रात की।
        
                                                    
                            
कुछ कह रही है, अंगड़ाई रात की।।

शाम-ओ-सहर, सुकूं देते नहीं मुझे।
इतनी बेवफा है , बेवफाई रात की।।
-यूनुस खान
3 घंटे पहले
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Sanjai kumar

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