हम , छोड़कर मयखाने कहां जायें।
बता दे , मय के दीवाने कहां जायें।।
तन्हाई वाबस्ता है मुद्दतों से हमसे।
अब जुदा होके वीराने कहां जायें।।
जिन्हें अपना बना छोड़ दिया तूने।
जो ऐसे बने,वो बेगाने कहां जायें।।
-यूनुस खान